नेगेटिव मार्किंग: तुक्का कब लगाएँ? SSC, बैंक, रेलवे, UPSC और CAT

"तुक्का लगाऊँ या नहीं?" हर वस्तुनिष्ठ परीक्षा से पहले यह सबसे आम सवाल है। आम जवाब, "कभी तुक्का मत लगाओ" या "हमेशा लगाओ", दोनों ग़लत हैं। सही जवाब अधिसूचना में छपी दो संख्याओं पर निर्भर करता है: सही उत्तर के अंक और गलत उत्तर पर कटने वाले अंक। इस लेख में वह नियम है और भारत की बड़ी परीक्षाओं के लिए उसका हिसाब।

एक पंक्ति में नियम

तुक्का तभी फ़ायदेमंद है जब आपके सही होने की संभावना इससे ज़्यादा हो:

कटने वाले अंक ÷ (सही उत्तर के अंक + कटने वाले अंक)

इसे ब्रेक-ईवन संभावना कहते हैं। इससे कम संभावना पर तुक्का औसतन अंक घटाता है, इससे ज़्यादा पर औसतन अंक बढ़ाता है।

ऐसा क्यों? अगर आपके सही होने की संभावना p है, तो एक तुक्का औसतन p × अंक दिलाता है और (1 − p) × कटौती घटाता है। ब्रेक-ईवन संभावना पर ये दोनों बराबर हो जाते हैं।

हर परीक्षा में ब्रेक-ईवन संभावना

परीक्षा सही उत्तर गलत उत्तर ब्रेक-ईवन संभावना
SSC CGL Tier-I +2 −0.5 20%
SSC CGL Tier-II, SSC CHSL Tier-II +3 −1 25%
IBPS PO प्रीलिम्स, SBI PO प्रीलिम्स +1 −0.25 20%
RRB NTPC CBT-1 +1 −1/3 25%
UPSC प्रीलिम्स GS पेपर I +2 −2/3 25%
CAT, बहुविकल्पीय प्रश्न +3 −1 25%
CAT, टाइप किए जाने वाले उत्तर +3 0 0%: हमेशा उत्तर दीजिए

अंक हर परीक्षा की मौजूदा अधिसूचना के अनुसार हैं, जैसा हमारे SSC CGL, IBPS PO, SBI PO, RRB NTPC, UPSC CSE और CAT पेजों पर दिया है। अपने वर्ष की अधिसूचना ज़रूर देखिए, क्योंकि अंक-योजना बदलती रहती है।

"सही होने की संभावना" असल में क्या है

चार विकल्प हों और कुछ भी पता न हो, तो संभावना 25% है। हर विकल्प जिसे आप पक्के तौर पर हटा सकें, संभावना बढ़ाता है:

बचे विकल्प सही होने की संभावना
4 (कुछ पता नहीं) 25%
3 (एक हटाया) 33%
2 (दो हटाए) 50%

बैंक परीक्षाओं में पाँच विकल्प होते हैं, इसलिए वहाँ बिना सोचे तुक्के की संभावना 20% है, और विकल्प हटाने पर 25%, 33% और 50%।

तो तुक्का कब लगाएँ?

SSC CGL Tier-I (+2, −0.5): ब्रेक-ईवन सिर्फ़ 20% है, इसलिए चार विकल्पों में बिना सोचा तुक्का भी औसतन थोड़ा फ़ायदा देता है: प्रति प्रश्न +0.125 अंक। एक विकल्प हटा सकें तो तुक्का औसतन +0.33 अंक का है, दो हटा सकें तो +0.75 का। इस परीक्षा में एक विकल्प हटाने के बाद तुक्का साफ़ तौर पर फ़ायदेमंद है।

SSC CGL Tier-II और CHSL Tier-II (+3, −1): ब्रेक-ईवन 25% है, इसलिए चार विकल्पों में बिना सोचा तुक्का औसतन कुछ नहीं देता, बस जोखिम बढ़ाता है। पहले एक विकल्प हटाइए; उसके बाद तुक्का औसतन +0.33 देता है।

IBPS PO और SBI PO प्रीलिम्स (+1, −0.25, पाँच विकल्प): बिना सोचा तुक्का ठीक ब्रेक-ईवन पर है। एक विकल्प हटाते ही यह फ़ायदे में आ जाता है। ध्यान रहे, IBPS में हर सेक्शन का अलग कट-ऑफ़ भी होता है, इसलिए कमज़ोर सेक्शन में कुछ लापरवाह तुक्के औसत से ज़्यादा नुकसान कर सकते हैं। SBI PO प्रीलिम्स में सेक्शन-वार कट-ऑफ़ नहीं है।

RRB NTPC CBT-1 (+1, −1/3): ब्रेक-ईवन 25% है। चार विकल्पों में बिना सोचा तुक्का औसतन कुछ नहीं देता; एक विकल्प हटाने के बाद फ़ायदेमंद है।

UPSC प्रीलिम्स GS पेपर I (+2, −2/3): ब्रेक-ईवन फिर 25% है। एक-दो विकल्प हटाने के बाद संभावना आपके पक्ष में होती है। CSAT (पेपर II) केवल क्वालिफ़ाइंग है, 200 में 66 अंक चाहिए, इसलिए वहाँ लक्ष्य बस सुरक्षित रूप से पास होना है।

CAT: बहुविकल्पीय प्रश्नों में ब्रेक-ईवन 25% है। टाइप किए जाने वाले उत्तरों पर कोई कटौती नहीं होती, इसलिए अगर मन में कोई भी संख्या है तो उसे ख़ाली मत छोड़िए।

तीन सावधानियाँ

  1. औसत पूरी कहानी नहीं है। जो तुक्का औसतन फ़ायदा देता है, वह उस दिन नुकसान भी कर सकता है। अगर किसी सेक्शन का कट-ऑफ़ सुरक्षित रूप से पार करना है, तो उसमें ज़्यादा सख़्त रहिए।
  2. तुक्के से ज़्यादा ज़रूरी समय है। विकल्प हटाने में दो मिनट मत लगाइए। यह नियम उन प्रश्नों के लिए है जिन्हें आप पढ़ चुके हैं और हल नहीं कर पा रहे; तब जल्दी, सोच-समझकर लगाया गया तुक्का ठीक है, लंबी जूझ नहीं।
  3. "हटाया गया" विकल्प सच में ग़लत होना चाहिए। अगर आप अक्सर सही उत्तर ही हटा देते हैं, तो आपकी असली संभावना तालिका से कम है। मॉक के नतीजे यह बताते हैं: देखिए कि आपके सोचे-समझे तुक्के कितनी बार सही निकले।

अपने ऊपर परखिए

अपना नियम तय करने का सबसे अच्छा तरीका मॉक में इसे दर्ज करना है। जिन प्रश्नों पर तुक्का लगाया, उन्हें चिह्नित कीजिए, फिर देखिए कितने सही निकले। अगर आपके सोचे-समझे तुक्के ब्रेक-ईवन संभावना से ज़्यादा बार सही होते हैं, तो वैसे ही लगाते रहिए; नहीं तो कम लगाइए।

Mockrooms पर SSC CGL, IBPS PO, RRB NTPC और कई दूसरी परीक्षाओं के समयबद्ध मॉक असली अंक-योजना के साथ दीजिए; हर नतीजा बताता है कि आपके गलत उत्तरों ने कितने अंक घटाए।